आतंकवाद ।
आतंकवाद कोई बाहर से नहीं आया है ,यह मच्छर की तरह इंसानों में से ही उनकी बुराई है जो माखन की तरह ऊपर निकलके आ गई है ।आरएसएस भी इस आतंकवाद का, हिन्दू आतंकवाद के नाम से एक हिंसा है । इस आतंक को भी मच्छरों की तर्ज पर ही ख़तम करना पड़ेगा ।
आतंकवाद कोई बाहर से नहीं आया है ,यह मच्छर की तरह इंसानों में से ही उनकी बुराई है जो माखन की तरह ऊपर निकलके आ गई है ।आरएसएस भी इस आतंकवाद का, हिन्दू आतंकवाद के नाम से एक हिंसा है । इस आतंक को भी मच्छरों की तर्ज पर ही ख़तम करना पड़ेगा ।
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