मेरा मुझ में कुछ नहीं जो कुछ है सभ तेरा ।
हमारा शरीर पृथ्वी के तत्वों से आया है और हमारी आत्मा अट्मॉस्फेर से आई है और हमारी चेतना सूर्य की रौशनी से आई है,तो इन सभ में हमारा किया है सभ उसी कायनात का या स्पेस का ही तो है जो सुप्रीम है । मरने के बाद भी हमारा शरीर आग के हवाले कर दिया जाएगा जो हमें स्वाह या राख में बदल देगी जिसमें से हमारी बची हुई हाड़ियाँ हम पानी के हवाले कर देते हैं,या हमारे धरती से आए हुए शरीर को धरती मैं ही दफना देते हैं ।
हमारा शरीर पृथ्वी के तत्वों से आया है और हमारी आत्मा अट्मॉस्फेर से आई है और हमारी चेतना सूर्य की रौशनी से आई है,तो इन सभ में हमारा किया है सभ उसी कायनात का या स्पेस का ही तो है जो सुप्रीम है । मरने के बाद भी हमारा शरीर आग के हवाले कर दिया जाएगा जो हमें स्वाह या राख में बदल देगी जिसमें से हमारी बची हुई हाड़ियाँ हम पानी के हवाले कर देते हैं,या हमारे धरती से आए हुए शरीर को धरती मैं ही दफना देते हैं ।
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