मंत्र ।
मन को तरोहित करने के तरीके का नाम ही मंत्र है । मन, हमारे बाहर जाने वाले स्वास यानि बाहर जाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड टोक्सिन का नाम है । प्राणायाम,सिमरीन ,मंत्र जाप,पाठ आदि विधियां करने का असली मकसद, वैलनेस के लिए, मन [कार्बन डाइऑक्साइड टोक्सिन ] को अपने मतषक से,जो निरंतर कोई ना कोई विचार किये जा रहा है, बाहर निकलना है । सइंटिफिकली इसी प्रकिरिया का नाम ही अधयातम है ।अपने अंदर के टोक्सिनज को बाहर निकालने और शुद्ध ऑक्सीजन को अंदर प्रवेश करने का नाम ही परम आत्मा की प्राप्ति है और कुछ नहीं इसी किरिया से हमारे जीवन को जीने का बल मिलता है । यह सभी गुरुओं का गोरख धंदा है जिस में लालची और कमजोर आतम शक्ति के लोग अक्सर फंस जाते हैं ।
मन को तरोहित करने के तरीके का नाम ही मंत्र है । मन, हमारे बाहर जाने वाले स्वास यानि बाहर जाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड टोक्सिन का नाम है । प्राणायाम,सिमरीन ,मंत्र जाप,पाठ आदि विधियां करने का असली मकसद, वैलनेस के लिए, मन [कार्बन डाइऑक्साइड टोक्सिन ] को अपने मतषक से,जो निरंतर कोई ना कोई विचार किये जा रहा है, बाहर निकलना है । सइंटिफिकली इसी प्रकिरिया का नाम ही अधयातम है ।अपने अंदर के टोक्सिनज को बाहर निकालने और शुद्ध ऑक्सीजन को अंदर प्रवेश करने का नाम ही परम आत्मा की प्राप्ति है और कुछ नहीं इसी किरिया से हमारे जीवन को जीने का बल मिलता है । यह सभी गुरुओं का गोरख धंदा है जिस में लालची और कमजोर आतम शक्ति के लोग अक्सर फंस जाते हैं ।
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