Friday, January 17, 2020

युग द्रष्टा ।
यह पुराने युग से ले कर देवता और राक्षश बुद्धि के इंसानों की कहानियां काल्पनिक नहीं हैं ,यह इंसान की साइकोलॉजी है । ये अच्छाई और बुराई का विभाजन है जो सदा से ही,महाभारत और कृष्ण जी  के ज़माने से चला आरहा है । महाभारत की कहानी उस ज़माने की बढ़ी हुई बुराई के खात्मे की ही कहानी है ,जो आज भी देखने और परखने में आ रही है ।



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