Sunday, January 19, 2020

उलझाव।
जो जिंदगी भर उलझाते रहे लोगों के मन को, अपनी सयकोलोजी और  फिलॉसफी में ,
और दुनिया भर की किताबें पढ़ कर दूसरों को गियान तियागने  को बोलते रहे ।
फिर उन्हीं के लालची विदेशी चेलों ने उनका ही संहार कर दिया,
सारा उस का करोड़ों डॉलर का लिटरेचर अपने कब्जे में करके आश्रम का सत्यानाश कर दिया ।
जिंदगी तो धरती की मिटटी और आकाश की ऊर्जा का ही मिलन है जो मरीतु के टाइम अलग हो जाते हैं ।

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