गियान और विज्ञान ।
इस एक्सिस्टेंस में इंसान जैसा कोई भगवान्,गॉड ,वाहिगुरु या अल्लाह नहीं है जैसा की धार्मिक किताबों में लिखा गया सभ से बड़ा झूठ है , जो इस एक्सिस्टेंस को बनाने वाला है ,सिर्फ गियान और विज्ञान की ही सभ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक शक्तियों की तरंगें है,जो हमारे मष्तक में आ कर विचार,कल्पनाएं और आइडियाज पैदा करते हैं और हम इंसानों को इन विचार,कल्पनाएं और आइडियाज को साकार करने के लिए परेरत करते हैं,और साइंस और टेक्नोलॉजी के आविष्कार पैदा करते हैं और हमारे जीवन को रोशन,समृद्ध,तदरूस्त,सूंदर और ख़ुशी आफ़ता बनाते हैं ।
इस एक्सिस्टेंस में इंसान जैसा कोई भगवान्,गॉड ,वाहिगुरु या अल्लाह नहीं है जैसा की धार्मिक किताबों में लिखा गया सभ से बड़ा झूठ है , जो इस एक्सिस्टेंस को बनाने वाला है ,सिर्फ गियान और विज्ञान की ही सभ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक शक्तियों की तरंगें है,जो हमारे मष्तक में आ कर विचार,कल्पनाएं और आइडियाज पैदा करते हैं और हम इंसानों को इन विचार,कल्पनाएं और आइडियाज को साकार करने के लिए परेरत करते हैं,और साइंस और टेक्नोलॉजी के आविष्कार पैदा करते हैं और हमारे जीवन को रोशन,समृद्ध,तदरूस्त,सूंदर और ख़ुशी आफ़ता बनाते हैं ।
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