विश्लेषण ।
हिन्दुओं के ब्राह्मण,कशात्री ,वेश सिर्फ १५ % होने के बावजूद इतने आकर्मण कियूं हैं ,जब कि मूलनिवासी ८५ % होने के बावजूद सहमे हुए हैं,डरे हुए हैं । लगता है पैसे के बल पर यह हिन्दू कई मूलनिवासिओं को खरीद कर उनका वायलेंस पैदा करने के लिए इस्तमाल करते हैं ,कियुँकि बहुत सारे मूलनिवासिओं को अनपढ़ होने की वजह से अक्ल की कमी है।
हिन्दुओं के ब्राह्मण,कशात्री ,वेश सिर्फ १५ % होने के बावजूद इतने आकर्मण कियूं हैं ,जब कि मूलनिवासी ८५ % होने के बावजूद सहमे हुए हैं,डरे हुए हैं । लगता है पैसे के बल पर यह हिन्दू कई मूलनिवासिओं को खरीद कर उनका वायलेंस पैदा करने के लिए इस्तमाल करते हैं ,कियुँकि बहुत सारे मूलनिवासिओं को अनपढ़ होने की वजह से अक्ल की कमी है।
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