पांच तत्व।
पांच तत्व ही परमात्मा है और कोई नहीं है ,
पृथ्वी,जल ,वायु, आकाश और सूर्य की यह कहानी है।
इन्हीं के कारण सभ जीव हैं, और नहीं है कोई,
धर्मों के चक्कर सभ झूठ हैं ,सभ में यही समाए।
जनम मरण एक चककर है आने और जाने का,
इस श्रिस्टी का यह खेल है समझने समझाने का।
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