बिना जाती धरम- इंसानियत।
इन पावर,धन और शुह्रत के भूखे और बेईमान पॉलिटीशंज ने इंसान को अनंत जातियों और धर्मों में बाँट रखा है और इनको आपस में लड़ा कर वोटें चोरी करके राज करने और लूटने का सिलसिला शुरू किया किया हुआ है।अब इस बेईमानी की पॉलिटिक्स के धंदे को समझते हुए हर इंसान को अपनी जात और धरम को भूल कर सिर्फ इंसान की बेहतरी के लिए सोचना और स्ट्रगल करना होगा। बाकी धरम का विषा [पाठ पूजा और लाइफ स्टाइल आदि] निजी और प्राइवेट है, कोई भी इंसान अपनी पसंद के अनुसार कर सकदा है। असल में धरम एक मोरल साइंस है और अपने जीवन को कुदरती कानूनों के मुताबिक चला कर तंदरुस्त और खुश रखने का नाम है।
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