Saturday, March 25, 2023

DHARMON KE JAAL.

 धर्मों के जाल। 

मंदिर चाहे राम के तुम बनाओ अनेकों हजार ,पूजा, पाठ और हवन करो तुम लगातार ,

यह ब्राह्मणों के दिए हुए  तुम्हारे करम काण्ड तुम्हारे धरम नहीं हैं ,तुम्हारी प्रार्थनाएं भी जा रही हैं बे कार। 

जब तक तुम अपने मन को विगियानिक तौर पर समझ,बूझ  कर,अपने बस में नहीं कर लेते,

तुम्हारा कोई सुधार नहीं होने वाला है  तुम ऐसे ही धरम के ठेकेदारों के शिकार बनते जाओगे,

जब तक तुम अपनी चेतना को अपनी अकल से रोशन नहीं कर लेते , तुम अपने दुखों से कोई नजात नहीं पाओगे। 


  

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