Tuesday, May 3, 2022

MERI APNI KHOJ.

 मेरी अपनी खोज। 

मैने अपने आप को कैसे जाना ?

ना मैने कोई धरम गुरु बनाया,ना मैने कोई धरम अपनाया ,

ना ही मैने किसी ग्रन्थ के शब्दों को और प्रार्थना को  दुहराया।  

में तो अपने ही शरीर के अंदर के दर्शन और अनुभव  करता रहा,

और इसी प्रकिरिया को करते करते अपने  सेण्टर पर पहुँच गया। 

फिर  यह सेण्टर भी गायब हो गया,और पूरे असिस्तव में घुल मिल गया,

अपने पूरे सवरूप के दर्शन को करके में धन्य हो गया और सभ कुछ ही को जान लिया और पा लिया।   

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