धरम और साइंस।
जहां तक धरम का सवाल है, जो इसकी मॉरल साइंस है वह तो सही है पर जो पंडित,गियानी, ब्राह्मण पुजारियों दवारा पाठ ,पूजा,धागा आदि करवाने का परपंच है यह सरा सर डर और धोके से मूरख बनाकर पैसे कमाने का धंदा है इसका कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह सभ किरियाएँ को खुद ही करने का सेहत लाभ होता है,यह सभ खुद ही करने वाली प्राणायाम जैसी ही किरियाएँ हैं । तुम जब किसी बिमारी से बेहाल हो जाते हो, सभी तरह की धार्मिक किरियाएँ करने के बाद भी जब ठीक नहीं होते तो मेडिकल डॉक्टर की शरण में आना ही पड़ता है। तो पहले से ही हम अपने जीवन की किरिया, साइंस के मु ताबिक कियूं नहीं कर लेते जो कि सिर्फ सचाई है। आप को भी और अपने बच्चों को भी साइंस की पढ़ाई करनी और करवानी चाहिए,तभी जीवन किरिया ठीक चलती है ,इस सचाई को हम ने कोरोना की बिमारी में भली भांति देख लिया है।
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