Wednesday, May 11, 2022

HAVA HI ROOH HAE.

 हवा  ही रूह है। 

हवा ही रूह है और अट्मॉस्फेर ही परम आत्मा है, अगर आप ने किसी रूह को कष्ट दिया है तो उनकी रूह की जिन्दा रहते हुए उसकी तरंगें और  मरण उपरान्त उसकी रूह आप को कष्ट देगी और बदला लेगी। इस लिए अपना हर करम सोच समझ के करना चाहिए । बे समझी से किया हुआ करम ही आप के दुखों का कारन बनता है। इसी लिए आयुर्वेदा के मुताबिक रूह यानि हवा यानि वायु/वात रोग बहुत कष्ट दायक और मुश्किल से ठीक होने वाले  होते हैं। 


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