धर्मों का असली मकसद है , कुदरत की पूजा करना ।
धर्मों का असली कारिया और मकसद है, कुदरत की पूजा करना। कुदरत की पूजा का अर्थ है कुदरत का आदर/सत्कार करना और कुदरत की शुद्धता यानि इसकी सफाई का धियान रखना,इसके पानी की शुद्धता रखना और ऑक्सीजन को अपने पोलुशन पैदा करने के दुष्कर्मों से कार्बन डाइऑक्साइड जो जीवन के लिए जहर है, में ना बदलना, जिस से हम सभ प्राणी स्वास लेते हैं जिसके बगैर हम एक मिनट भी जिन्दा नहीं रह सकते पर हिन्दू धरम तो हवन करके,चिलम /हूका/सिगरेट पी कर,दिए जला कर,डीज़ल और पेट्रोल फूक कर और कोयला फूक कर वातावरण को दूषित कर रहा हैं।
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