जीवनही सभ कुछ है।
इस पृथ्वी पर जीवन तो और भी बहुत हैं लेकिन इंसान ने ही भगवान् की कियूं बात की है, कियुँकि ऐसे बे तुके सवाल इंसान ही कर सकता है, इसका दिमाग कभी शांत नहीं होता ,सिर्फ मरने के बाद ही शांत होता है,नींद में भी यह सपने लेता रहता है। यह इस बात को समझ ही नहीं पाता कि जितनी भी जिंदगी मिली है इस को मस्त हो कर, बे फ़िक्री से गुजार दे।
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