गुरु।
गुरु शब्द आता है गुरुतवा आकर्षण से। गुरु का मतलब होता है कशिश। प्रेम शब्द भी गुरुतवा आकर्षण यानि कशिश से ही आता है। सभी असिस्तव के पिंडों के मध्य में गुरुतवा आकर्षण ही है जिस ने अपने मास्स मैटर और शक्ति को अपनी और खींच रखा है।
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