सच्चा गियान ।
किताबों या ग्रंथों में लिखा गया गियान दुसरे लोगों के अनुभव के अनुसार ही लिखा गया है यह किसी पढ़ने वाले का अनुभव नहीं हो सकता । मेरा गियान मेरे अपने अनुभव हैं ,में किसी दुसरे के अनुभवों का सहारा नहीं लेता । यह ऐसे ही है जैसे कि तैरने का अनुभव हो, जब तक आप खुद तैरना नहीं सीख जाते यह तुम्हारा अनुभव नहीं है चाहे तुम तैरने की जितनी मर्जी किताबें पढ़ लो । तुहारा अपना सीखा हुआ तैरना ही काम आएगा किसी का इस के बारे में लिखा हुआ नहीं ।
किताबों या ग्रंथों में लिखा गया गियान दुसरे लोगों के अनुभव के अनुसार ही लिखा गया है यह किसी पढ़ने वाले का अनुभव नहीं हो सकता । मेरा गियान मेरे अपने अनुभव हैं ,में किसी दुसरे के अनुभवों का सहारा नहीं लेता । यह ऐसे ही है जैसे कि तैरने का अनुभव हो, जब तक आप खुद तैरना नहीं सीख जाते यह तुम्हारा अनुभव नहीं है चाहे तुम तैरने की जितनी मर्जी किताबें पढ़ लो । तुहारा अपना सीखा हुआ तैरना ही काम आएगा किसी का इस के बारे में लिखा हुआ नहीं ।
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