यह जीवन मृत्यु एक शिक्षा है ।
यह पृथ्वी पर घास,पौदे,जड़ी,बूटियां ,पेड़ और दरख्त,
यह क्रीपरज ,जानवर ,मनुष्य, पक्षी ,बक्टेरियाज और वायरसज ।
सभी पृथ्वी से बड़े होते हैं और अंत में मर जाते हैं ,
यही रीत इस जगत में सदा से चली आती है ।
चाहे कोई बुध हो ,कृष्ण हो, राम हो या हो जीसस , मुहमद,नानक, कबीर और ओशो ,
सभ अपनी अपनी डफली बजा कर यहां से चले जाते हैं और इस पृथ्वी और आकाश में मिल जाते हैं ।
यह पृथ्वी पर घास,पौदे,जड़ी,बूटियां ,पेड़ और दरख्त,
यह क्रीपरज ,जानवर ,मनुष्य, पक्षी ,बक्टेरियाज और वायरसज ।
सभी पृथ्वी से बड़े होते हैं और अंत में मर जाते हैं ,
यही रीत इस जगत में सदा से चली आती है ।
चाहे कोई बुध हो ,कृष्ण हो, राम हो या हो जीसस , मुहमद,नानक, कबीर और ओशो ,
सभ अपनी अपनी डफली बजा कर यहां से चले जाते हैं और इस पृथ्वी और आकाश में मिल जाते हैं ।
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