पशुआता,मनुष्यता, इंसानियत और नेचुरल ।
हम पशु से मनुष्य बने हैं,मनुष्य से इंसान और नेचुरल होने की तरफ बढ़ रहे हैं ,लेकिन देखने में आता है कि मनुष्य की कुछ नस्लें मनुष्य बनने की बजाए पशुआता में जीना जियादा पसंद करते हैं जैसे आरएसएस के मोहन भगवत और उस के फोल्लोवेर्स ।
हम पशु से मनुष्य बने हैं,मनुष्य से इंसान और नेचुरल होने की तरफ बढ़ रहे हैं ,लेकिन देखने में आता है कि मनुष्य की कुछ नस्लें मनुष्य बनने की बजाए पशुआता में जीना जियादा पसंद करते हैं जैसे आरएसएस के मोहन भगवत और उस के फोल्लोवेर्स ।
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