Tuesday, March 24, 2020

यह जीवन की सचाई ।
यह जीवन ना कुछ पाने का है और ना कुछ खोने का है ,
धरती  से उठ कर आकाश को छूने का है और फिर धरती  में ही मिल जाने  का है ।

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