यह जीवन की सचाई ।
यह जीवन ना कुछ पाने का है और ना कुछ खोने का है ,
धरती से उठ कर आकाश को छूने का है और फिर धरती में ही मिल जाने का है ।
यह जीवन ना कुछ पाने का है और ना कुछ खोने का है ,
धरती से उठ कर आकाश को छूने का है और फिर धरती में ही मिल जाने का है ।
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