मनुवाद और ब्राह्मणवाद ।
मनुवाद से मोहन भगवत बने,कर कर लम्बे हाथ ,
पढ़ने से अहंकार बढे यह है उसकी मंद बुद्धि का पाठ ।
भेजो इसको वापस यूरेशिया इस का डीएनए यहां का नहीं है ,
नहीं तो यह भारत को चैन से जीने नहीं देगा यह आतंकवादी है, इंसान नहीं है ।
मनुवाद से मोहन भगवत बने,कर कर लम्बे हाथ ,
पढ़ने से अहंकार बढे यह है उसकी मंद बुद्धि का पाठ ।
भेजो इसको वापस यूरेशिया इस का डीएनए यहां का नहीं है ,
नहीं तो यह भारत को चैन से जीने नहीं देगा यह आतंकवादी है, इंसान नहीं है ।
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