भारत अँधेरे से रौशनी की और ।
भारत पहले अंग्रेजों से आज़ाद हुआ फिर अब मनुस्मिरीति और ब्राह्मणवाद से आज़ाद होने का टाइम है । भारत में मनुवाद की जात पात, ब्राह्मणवाद के अन्धविश्वाश और हिन्दू धरम के झूठे देवी देवताओं के अँधेरे के जाल ने हज़ारों सालों से इंसानियत को जकड़ा हुआ है,जिस से मुकत हुए बगैर हम आगे वैज्ञानिक युग की तरफ अगसर नहीं हो सकते । मनुवाद और ब्राह्मणवाद हमें हज़ारों साल पीछे दरिदर युग में ले जाने की कोशिश करेंगे जहां इन ब्राह्मणों का अंध विश्वाशों का, रोटी रोजी का, कारोबार चलतता था,लेकिन हमें इनके इस अगियानता के अँधेरे को रौशनी से काट कर आगे जाना है और एक वैज्ञानिक,सूंदर,समृद्ध ,जात पात और झूठे धरम रहित देश बनाना है ।
इस
भारत पहले अंग्रेजों से आज़ाद हुआ फिर अब मनुस्मिरीति और ब्राह्मणवाद से आज़ाद होने का टाइम है । भारत में मनुवाद की जात पात, ब्राह्मणवाद के अन्धविश्वाश और हिन्दू धरम के झूठे देवी देवताओं के अँधेरे के जाल ने हज़ारों सालों से इंसानियत को जकड़ा हुआ है,जिस से मुकत हुए बगैर हम आगे वैज्ञानिक युग की तरफ अगसर नहीं हो सकते । मनुवाद और ब्राह्मणवाद हमें हज़ारों साल पीछे दरिदर युग में ले जाने की कोशिश करेंगे जहां इन ब्राह्मणों का अंध विश्वाशों का, रोटी रोजी का, कारोबार चलतता था,लेकिन हमें इनके इस अगियानता के अँधेरे को रौशनी से काट कर आगे जाना है और एक वैज्ञानिक,सूंदर,समृद्ध ,जात पात और झूठे धरम रहित देश बनाना है ।
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