Sunday, March 1, 2020

जिंदगी ।
जिंदगी एहसास है दुःख -दर्द और ख़ुशी के लहमों का ,
गिरते,उठते और संभलते प्रयासों,धर्मों ,जातियों के बेकार वहमों का ।
इस शरीरी मशीन के यंत्रों में और इसकी शक्तियों में, हम में एक दुसरे से कोई भी अंतर नहीं है ,
फिर ना जाने कियूं, ब्राह्मणों ने,गियानियों ने इन धर्मों के जातियों के चक्करों में हमें उलझा रखा है ?
जिनगी का असली सार ही निरोग,सुखी जीवन,एक दुसरे से प्रेम और सेवा भाव से जीना है,
ना कि अपनी पावर,ईगो और दौलत को समेटने के लिए दुसरे असहाय और गरीबों को सताना और मारना है ।

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