Saturday, January 11, 2020

होश में आओ ऐ गफलत में हँकारे मोदी ।
होश में आओ मोदी, शाह और योगी तुम इंसानियत के हथियारों ,
कोई हमेशा ही  नहीं रहता है शिखरों और तख्तों ताजों के चुंधियारे में ।
एक दिन वह मौत का फरिश्ता आएगा और सभ तुम्हारी गफलत को ले जाएगा,
सभ यह तुम्हारा तंत्र धरा धराया रह जाएगा जब बंजारा तुम्हारा स्वास ले कर उड़ जाएगा ।
रह जाएगा यह माटी का ढेला पड़ा जमीन पर ,कोई हाथ लगाने भी पास नहीं आएगा,
उठा कर कुछ ही घंटों में तुम्हें शमशान ले जा कर  आग में जला कर राख कर दिया जाएगा ।





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