सच और झूठ की लड़ाई ।
अगर झूठ के पास बेईमानी है,काला धन है ,सरमाएदारी है ,अम्बानी और अडानी जैसे उद्योग पति हैं,भगवे जामे में
टेररिस्ट हैं, सरकार की बहुमत की पावर है, आरएसएस जैसा खतरनाक आतंकी संगठन है,जिस का राक्षश मोहन भागवत जैसा संघ सर चालक है,मोदी, शाह और योगी जैसी गुंडा गर्दी है, धरम और जाती द्वारा विभाजन करने की कला है,तो सच के पास ईमानदारी है,सहनशीलता है ,धीरज है,महाभारत के कृष्ण जी की अधियात्मिक कला है, सभ से बड़ी पावर जागी हुई एक जुट जनता है, प्रेम है,सद भाव है ,एक दुसरे की हमदर्दी और सेवा है ,तो जीत तो सच की ही निश्चित है,चाहे झूठ जितना मर्जी छट पट्टाले ।
अगर झूठ के पास बेईमानी है,काला धन है ,सरमाएदारी है ,अम्बानी और अडानी जैसे उद्योग पति हैं,भगवे जामे में
टेररिस्ट हैं, सरकार की बहुमत की पावर है, आरएसएस जैसा खतरनाक आतंकी संगठन है,जिस का राक्षश मोहन भागवत जैसा संघ सर चालक है,मोदी, शाह और योगी जैसी गुंडा गर्दी है, धरम और जाती द्वारा विभाजन करने की कला है,तो सच के पास ईमानदारी है,सहनशीलता है ,धीरज है,महाभारत के कृष्ण जी की अधियात्मिक कला है, सभ से बड़ी पावर जागी हुई एक जुट जनता है, प्रेम है,सद भाव है ,एक दुसरे की हमदर्दी और सेवा है ,तो जीत तो सच की ही निश्चित है,चाहे झूठ जितना मर्जी छट पट्टाले ।
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