Sunday, January 12, 2020

जीवन गंवाने का डर।
मुश्किल से मुश्किल स्तिथि में सभ से पहले हर इंसान अपना जीवन,फिर अपनी फॅमिली मेंबर्स का जीवन और फिर अपने सके सबंधियों का जीवन और फिर दूसरों का जीवन बचाने की कोशिश करता है और इस के लिए चाहे उस को कुछ भी करना पड़े ।मनुवादी और ब्राह्मणवादी हिन्दुतवा आरएसएस और बीजेपी ने भारत में हमेशा राज करने के लिए इंसान की इस साइकोलॉजी को अच्छी तरह समझ लिया है,और इन पिछले ६ सालों में इन लोगों ने भारत का खजाना लूट कर और और पार्टी के लिए काले  धन का  फण्ड ले कर बे तहाषा काला धन बना लिया है  । इसी लिए यह लोग भारत का विकास और इस देश को समृद्ध और खुश बनाने  की बजाए,इस को बेरोजगारी,गरीबी, अनपढ़ता बढ़ा कर,कीमतें बढ़ा कर और जीवन की जरूरी चीजों की प्रोडक्शन घटा कर कमजोर और लाचार स्थिति पैदा कर रहे हैं ,जिस से आम जनता का जीना इतना मुश्किल हो जाए कि लोग भूखे मरने लगें,बीमार हो जाएं और जीने के लिए तरसने और छटपटाने लगें । अपनी और अपनी  फॅमिली का जीवन बचाने के लिए दर दर की ठोकरें खाने लगें और भीख मांगने लगें । इस स्तिथि में फिर यह लोग भूखे मर रहे और बीमार लोगो को अपने काले धन से सहायता करके खरीद लेंगे जैसा कि यह पीछे दलितों और गरीबों के साथ करते  आए हैं और उन की मजबूरिओं का फायदा उठा कर वोटों के लिए ,दंगों में और गलत काम करवाने के लिए उन की  सेवाओं का लाभ उठाते  आए हैं ।







जीवन गंवाने का डर।
मुश्किल से मुश्किल स्तिथि में सभ से पहले हर इंसान अपना जीवन,फिर अपनी फॅमिली मेंबर्स का जीवन और फिर अपने सके सबंधियों का जीवन और फिर दूसरों का जीवन बचाने की कोशिश करता है और इस के लिए चाहे उस को कुछ भी करना पड़े ।मनुवादी और ब्राह्मणवादी हिन्दुतवा आरएसएस और बीजेपी ने भारत में हमेशा राज करने के लिए इंसान की इस साइकोलॉजी को अच्छी तरह समझ लिया है,और इन पिछले ६ सालों में इन लोगों ने भारत का खजाना लूट कर और और पार्टी के लिए काले  धन का  फण्ड ले कर बे तहाषा काला धन बना लिया है  । इसी लिए यह लोग भारत का विकास और इस देश को समृद्ध और खुश बनाने  की बजाए,इस को बेरोजगारी,गरीबी, अनपढ़ता बढ़ा कर,कीमतें बढ़ा कर और जीवन की जरूरी चीजों की प्रोडक्शन घटा कर कमजोर और लाचार स्थिति पैदा कर रहे हैं ,जिस से आम जनता का जीना इतना मुश्किल हो जाए कि लोग भूखे मरने लगें,बीमार हो जाएं और जीने के लिए तरसने और छटपटाने लगें । अपनी और अपनी  फॅमिली का जीवन बचाने के लिए दर दर की ठोकरें खाने लगें और भीख मांगने लगें । इस स्तिथि में फिर यह लोग भूखे मर रहे और बीमार लोगो को अपने काले धन से सहायता करके खरीद लेंगे जैसा कि यह पीछे दलितों और गरीबों के साथ करते  आए हैं और उन की मजबूरिओं का फायदा उठा कर वोटों के लिए ,दंगों में और गलत काम करवाने के लिए उन की  सेवाओं का लाभ उठाते  आए हैं ।







जीवन गंवाने का डर।
मुश्किल से मुश्किल स्तिथि में सभ से पहले हर इंसान अपना जीवन,फिर अपनी फॅमिली मेंबर्स का जीवन और फिर अपने सके सबंधियों का जीवन और फिर दूसरों का जीवन बचाने की कोशिश करता है और इस के लिए चाहे उस को कुछ भी करना पड़े ।मनुवादी और ब्राह्मणवादी हिन्दुतवा आरएसएस और बीजेपी ने भारत में हमेशा राज करने के लिए इंसान की इस साइकोलॉजी को अच्छी तरह समझ लिया है,और इन पिछले ६ सालों में इन लोगों ने भारत का खजाना लूट कर और और पार्टी के लिए काले  धन का  फण्ड ले कर बे तहाषा काला धन बना लिया है  । इसी लिए यह लोग भारत का विकास और इस देश को समृद्ध और खुश बनाने  की बजाए,इस को बेरोजगारी,गरीबी, अनपढ़ता बढ़ा कर,कीमतें बढ़ा कर और जीवन की जरूरी चीजों की प्रोडक्शन घटा कर कमजोर और लाचार स्थिति पैदा कर रहे हैं ,जिस से आम जनता का जीना इतना मुश्किल हो जाए कि लोग भूखे मरने लगें,बीमार हो जाएं और जीने के लिए तरसने और छटपटाने लगें । अपनी और अपनी  फॅमिली का जीवन बचाने के लिए दर दर की ठोकरें खाने लगें और भीख मांगने लगें । इस स्तिथि में फिर यह लोग भूखे मर रहे और बीमार लोगो को अपने काले धन से सहायता करके खरीद लेंगे जैसा कि यह पीछे दलितों और गरीबों के साथ करते  आए हैं और उन की मजबूरिओं का फायदा उठा कर वोटों के लिए ,दंगों में और गलत काम करवाने के लिए उन की  सेवाओं का लाभ उठाते  आए हैं ।





























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