ऑक्सीजन परम आत्मा, पानी मन और भोजन शरीर।
हम और हमारा जीवन प्रकृति माता पृथ्वी, इसके पानी, अट्मॉस्फेरे के गैसेज [ऑक्सीजन,नाइट्रोजन,कार्बन और हाइड्रोजन] और सूर्य की शक्ति के मिलन से बने हैं,जिस को यह अनेक धरम के ठेकेदार,धार्मिक लोग, भगवान्,प्रभु ,परम आत्मा,अल्लाह,खुदा,ईश्वर और गॉड के नाम से आम लोगों के मन का शोषण और बेयोपार करके लूटते आए हैं। यह मंदिर,मस्जिद,गुरद्वारे और चुरचेज इन बेईमान धार्मिक लोगों ने,तुम्हारे ही बे तहाषा पैसे लगा कर और तुम्हें मूरख बना कर,लूटने के लिए और पृथ्वी माता को माथा टेकने ,एवं सरेंडर करने,या मन से झुकने के बहाने से बनाए हुए हैं ,जो कि तुम कहीं भी और कभी भी घर पर रहते हुए,अपने मन की शान्ति के लिए , कर सकते हो।
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