धरम और साइंस चक्क्र।
धरम और साइंस का चक्कर काल [टाइम ] के एवोलूशन चक्कर को पूरा करता है। साइंस में एजुकेशन के जरिये कुदरत के सभी लॉज़ को जान कर ऑटोमेशन और म्हणत से जीवन की गति को तेज किया जाता है जिस के परिणाम से जीवन के बहुत जरूरी तत्व जैसे हवा,पानी आदि खास करके ऑक्सीजन तत्व का कार्बन डाइऑक्साइड [धुंआ या शिवा ] की उत्पति से नाश करके जीवन को बीमारियों और कम्युनल उपद्रवों,भयानक लड़ाइयां आदि द्वारा जान हानि करके कष्ट में डाला जाता है और फिर धरम चक्कर शुरू होता है जिस में जीवन की गति को दीमा किया जाता है और सिम्पलिसिटी,मन की शान्ति, प्यूरिटी [शुद्धता],प्रेम और वैलनेस का वकत आता है। यह सभ प्रकृति का एवोलूशन चक्कर है जिस पर प्राणियों का कोई कण्ट्रोल नहीं है सिर्फ उसके हुकम में ही चलना होता है। प्रकीर्ति ऐसे कई एवोलूशन चक्कर पहले पूरे कर चुकी है।
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