धरती माँ,इसका पानी और आत्मा।
हम इस धरती माँ के टुकड़े जीओवाहर लाल हैं ,इसका पानी अमृत समान हमारे पिता हैं,और इसका अट्मॉस्फेर हमारी आत्मा है, सूर्य की चेतनता से जिसका जहां रोशन है ,चन्दर्मा की शीतलता,और सितारों की झिलमिल से जिसका आँगन खुशनुमा है ।
No comments:
Post a Comment