Sunday, July 30, 2023

VISHAV GURU YA VISHAV KARMA ?

 विश्व गुरु या विश्व कर्मा ?

हम भारत वासी  हमेशा से विश्व गुरु बनने की [सिर्फ बोलने वाले,कथाएं करने वाले,बड़बोले,मियाँ मिठू और गप्पी ] इच्छाएं रखते रहे हैं ना कि इस के साथ साथ विश्व कर्मा/करमषट  भी। गुरु  का मतलब सतया  गुरु नानक के अनुसार पवन/हवा/वायु होता है। आयुर्वेदा और अनुभवों के अनुसार वायु ही हमारे सभ दुखों और दर्दों का कारन भी है। इस लिए हमें निरोग और समृद्ध होने के लिए विश्व कर्मा/करमषट होना भी सभ से जरूरी है।  इसी लिए पछमी लोग करमषट कोने के कारन आज सभ से जियादा सम्पन हैं और हम भारतीय सिर्फ बोलने और झूठे  गियान में/अपने अहंकार की पुष्टि के लिए  ही, पंडित बनना और अपने  नशे में  गलतान रहना ही चाहते हैं।   

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