अपने मन/साइकोलॉजी को बदलना बहुत जरूरी है।
शुद्ध भोजन,पानी, हवा,सूर्य की शक्ति और बिजली ही जीवन है। आपस में पोलिटिकल पावर के लिए, लड़ना छोड़ कर,सभी वर्गों को साथ आ कर देश सेवा में, सही गवर्नेंस/मैनेजमेंट की तरफ धियान देना चाहिए। करप्शन को बिलकुल विदा कर देना चाहिए,कम्युनल और सोशल वितकरे ख़तम होने चाहिए। फजूल के महंगे मंदिर बनाने और पाठ पूजाएं छोड़ कर ,इंसानियत की सेवा में जुट जाना चाहिए कियुँकि वास्तविता में कुदरती शक्तियों के बगैर कोई भगवान् या गॉड जैसी पर्सनाल्टी नहीं है ।वैज्ञानिक दृष्टि ही सच्ची दृष्टि है। गरीबी को ख़तम करने की वास्तविक योजनाएं बनानी चाहिए। फ्लड्स,महंगाई कण्ट्रोल ,बढ़िया एजुकेशनल इंस्टीटूशनज़,मेडिकल फैसिलिटीज, कारोबार बढाने और बेरोजगारी घटाने की योजनाएं पैदा करनी चाहिए।देश को समृद्ध,शांत और सुन्दर बनाना चाहिए। नहीं तो कुदरत के ऐसे ही प्रहार होत्ते ही रहेंगे और मनुष्यता प्रॉब्लेम्ज ही सफर करती रहेगी।
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