पुराना अविगियनिक आदमी।
में भी भूखा ना रहूँ ,साधू भी भूखा ना जाए।
साधू कौन है ?
साधू जिसने भगवें रंग के कपडे तो पहन लिए लेकिन माइंड/साइकोलॉजी से नीच ही रहा उस को साधू नहीं कहा जा सकता वह ढोंगी है ।आज कल ९९ % लोग ऐसे ही पाए जाते हैं। भगवें रंग के कपडे तो एक क्रिमिनल भी, बचने के लिए, पहन सकता है। हजारों चूहे खाके बिल्ली हज को चली।
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