विश्व गुरु या विश्व चेला।
विश्व गुरु के खवाब देखने से पहले भारत को हज़ारों सालों के अंध विश्वाशों से नीकालने के लिए अपनी एजुकेशन में साइंटिफिक टेम्पर लाने की जरूरत है जिस के लिए प्रगति शील और साइंटिफिक एडवांसड देशों का चेला बनना पड़ेगा। अभी तो देश की गरीबी का सत्तर,बेरोजगारी का सत्तर,भूखमरी का सत्तर,बिमारी का सत्तर और इकनोमिक दुर्दशा का सत्तर , दुनिया में सभसे आगे है।
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