सीधा सच।
हमारे जीवन का एक बहुत सीधा सच सभी जानते हैं कि हम जो कुछ भी अपने जीवन को बरकरार रखने के लिए खाते पीते हैं या सवास लेते हैं वह हमारे मुँह और नाक के दवारो से ही होता है बाकी इसके हाज़मे की सारी किरिया हमारे पेट के नीचे अंतड़ियों में ही होती है। मतलब कि हमारे सारे शरीर की गंदगी हमारे नीचे वाले भाग में ही रहती है जिस को फिर हम अपनी अनस [गुदा] और पशाब के रस्ते से बाहर निकाल देते हैं। यही स्थान हमारे शरीर का नरक है। हमारा सर या मतषक बिलकुल शुद्ध स्थान है जिसको हम सवरग भी कह सकते हैं। हमारी निरोगता के लिए हमारे सभी नीचे वाले गंदे गैसेज नीचे से ऊपर की तरफ नहीं जाने चाहियें, नीचे के रास्ते से ही निकलने चाहियें। हमें किसी भी हालत में ऐसे गंदे गसेज को सर में नहीं जाने देना चाहिए। यही गंदे गैसेज सर में दर्दों और मीग्रैन जैसे दर्दों का और कैंसर जैसी बिमारियों का कारन बनते हैं।
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