यह आँखें भी ?
नींद और आराम में जाने के लिए हमें आँखों को बंद करना होता है और जागने के लिए आँखों को रौशनी में खोलना होता है। बाकी तो मध् होशी की मस्ती ही होती है।
0 comments
Karam Singh
यह आँखें भी ?
नींद और आराम में जाने के लिए हमें आँखों को बंद करना होता है और जागने के लिए आँखों को रौशनी में खोलना होता है। बाकी तो मध् होशी की मस्ती ही होती है।
0 comments
Karam Singh
THE NON SCIENTIFIC INDIA.
खालसा।
अधियात्मिक विज्ञान के मुताबिक, खालसा वह इंसान है, जो गंदगी से और गंदे मन से खाली,प्योर और शुद्ध हैं।
खाली स्थान [शुद्ध स्थान ] ।
अधियात्मिक विज्ञान के मुताबिक, खाली स्थान का पंजाबी में मतलब होता है,गंदगी से खाली करना, जैसे भारत में आरएसएस और बीजेपी दवारा और दूसरी पंजाब की हारी हुई पार्टियां कांग्रेस और अकाली दल द्वारा, कम्युनलिज्म,धार्मिक कटरता,फसाद,करप्शन वगैरा की गंदगी का मुहाल पैदा किया जा रहा है, खाली करना और शुद्ध करना,जैसे कि हम अपनी रोज़ाना जिंदगी में अपने अंदर की गंदगी को अपना पेट और अंतड़ियाँ खाली करके साफ़ और शुद्ध करते हैं।
धरम किस लिए ?
सॉरी दुनिया में धरम का एक ही मतलब होता है सभी वर्गों और विचारों के लोगों का रल मिल कर प्रेम से अमन चैन से रहना,लेकिन भारत में पोलिटिकल पार्टियां का,ख़ास करके बीजेपी,अकाली दल और कांग्रेस का अपने मेनिफेस्टो के वादों से फेल हो जाना और बुरी तरह लोगों से इलेक्शन में हार जाना और धर्मों के नाम पर लोगों में नफरत पैदा करके उपद्रव करना और लोगों की जरूरतों को भूल कर अपने विरोधियों की सरकार को बदनाम करके गिराने की कोशिश करना ही,एक कॅरियकरम रह गया है। भारत में झूठे और पाखंडी धरम ही देश की दशा पर नासूर बन गए है जिन पुराने धर्मों का ख़तम हो कर सिर्फ एक, विगियानिक सोच को ही जीने की कला के निर्माण का , एक सच्चा धरम बनाया जाए।
मूलनिवासी होश में आओ।
हम एक ही धरती के वासी हैं,और एक ही जैसा इस के अनाज का भोजन, इसका पानी और इसकी हवा से स्वास लेते है,चाहे हम बाहर के कोई भी फैशन कियूं ना करें,पर हैं तो सिर्रफ इंसान ही। हमारी साइकोलॉजी अलग अलग हो सकती है पर हम यह बेकार के धर्मों में कैसे बंट गए हैं ? कही हमें कोई आरएसएस और बीजेपी के मोहन भगवत,मोदी और शाह जैसे हिन्दू आतंकी और जुटेरे तो नहीं, अपनी सत्ता को कायम रखने के लिए और हमें लूटने के लिए यह सभ कम्युनल षड यंत्र खेल रहे हैं ?
THE SOUND SLEEP REST AND MEDITATION.
THE PSYCHOLOGY OF MR. MODI,P.M..
THE NATURE AND THE EXISTENCE.