Thursday, June 17, 2021

OM YA OMKAAR.

ॐ या ॐकार। 

हिन्दू और सिख धरम में, इंसान दवारा, ॐ या ॐकार की प्रापति को ही भगवान् या वाहेगुरु की प्रापति माना जाता है। पर हिन्दू और सिख धरम में इनके मंदिरों और गुर्दवारों में पहले से ही ॐ या ॐकार  के बदले नक़ल  में घंटे या घड़ियाल बजाए जाते हैं जो असली ॐ या ॐकार  के  अजपा जाप की ध्वनि नहीं है जिसको भगवान् या वाहेगुरु प्राप्ति का लक्षण माना जाए । ॐ या ॐकार  की प्रापति  के लिए किसी मंदिर या गुर्दवारे में जा कर साधना करने की जरूरत नहीं है,यह साधना कहीं भी किसी शुद्ध,साफ़ और शांत जगह में की जा सकती है।  


  







 

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