हम कौन हैं ?
हम वोल्केनो भी हैं और बर्फ के ग्लैसियर्ज भी हैं ,
हम तमो गुनी भी हैं और सतो गुनी भी हैं।
हम पॉजिटिव भी हैं और नेगेटिव भी हैं,
हम वेवज हैं असिस्तव की, अलग अलग फ्रीक्वेंसीज़ की।
हमारा शरीर मारा जा सकता है पर हमारी यह वेव्ज नहीं,
हमारी यह चेतना अमर है पर हमारा भौतिक शरीर नहीं।
यह २१वीं साइंस की सदी है कोई प्राचीन कहानी/कविता या गप नहीं,जिससे बरसों से मूरख बनाते आए हो ,
भरमों में और अंध विश्वाशों में डालना बंद करो, यह अब अंधों की दुनिया नही,हाथ की सफाई की दूकान नहीं।
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