हमारी जात किया है ?
हम सभी इंसानों का मतषक [ब्रेन] होता है जिसको वेदों ने ब्राह्मण कहा है,सभी की भुजाएं और हाथ होते हैं जिसको कशात्री कहा है,सभी का पेट होता है जिसको वैश कहा है और सभी के टांगें और पैर होते हैं जिन को शूदर कहा है।इस लिए हम सभ की जाती चारों वरन वाले इंसान की है जिन का जनम एक ही भगवान् दवार से हुआ है,लेकिन इन ब्राह्मणों ने हम सभ को मनुसमृति के विधान के दवारा, हजारों सालों से मूरख बनाया है,हमारा गलत विभाजन किया है,हम को विद्या लेने से और धन दौलत का अधिकारी होने से वंचित रखा है,हमारे साथ गुलामों जैसा विवहार किया है। इनकी इस घिनौनी बेईमानी और ठग्गी के लिए इनको किया सजा मिलनी चाहिए इसका फैसला तुम सभ पर निर्भर है।
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