भारत की मौजूदा विवस्था।
भारत के गरीब और भूखे लोगों को रोटी, कपडा और मकान मिले न मिले,शिक्षा मिले न मिले,शुद्ध पानी,शुद्ध हवा मिले न मिले,सफाई हो या न हो,बीमारी मिटे न मिटे,इलाज मिले न मिले ,ऑक्सीजन मिले न मिले, काम मिले न मिले,बिजली मिले न मिले लेकिन मंदिर बनते रहने चाहिए, उन में मृत पथरों की मूर्तियां सजाई जानी ही चाहिए,ब्राह्मणों का कारोबार चलते रहना चाहिए,मुस्लिम के साथ दंगे फसाद चलते रहने चाहिए,नफरत को बढ़ाने के लिए लोगों को मारा जाना चाहिए,इंसानियत का नामो निशान मिटाना चाहिए,नया पार्लियामेंट हाउस बनना ही चाहिए, पी एम् के लिए ८०० करोड़ का जहाज खरीदना ही चाहिए,रहने के लिए नया घर होना ही चाहिए। इसी का नाम हिन्दुतवा है जिस को जिन्दा रखना चाहिए।कॉर्पोरेट्स को सभी गवर्नमेंट के प्रॉफिट मेकिंग अदारे बेच देने चाहिए,नौकरियां ख़तम कर देनी चाहिए ,मजदूरों को लाचार बना देना चाहिए,महंगाई को बढ़ते रहना चाहिए,यह कैसी गवर्नमेंट आ गई है ?यह कैसा वातावरण बन गया है ? किसानों की जमीन हथिया कर कॉर्पोरेट को दे दी जाए और उन को मजदूर बनाया जाए। किया इसी को राष्ट्रवाद कहते हैं जो इस नेशन के लोगों को भूख और बीमारी से ख़तम किया जाए ? इन सभी सवालों का जवाब भी तुम ने ही खोजना है और इस विवस्था को बदलने या ना बदलने के बारे में भी तुम ही ने सोचना है और कुछ करने का साहस जुटाना है।
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