आत्मा ।
आत्मा हमारे शरीर में जान या प्राण के रूप में परम आत्मा यानि अट्मॉसफेर का वह हिस्सा है जिस से हम स्वास लेते हैं ।
परमात्मा यानि अट्मॉस्फेर में हाइड्रोजन कार्बन नाइट्रोजन, और ऑक्सीजन के गैसेज पानी के कण या बादल और धुल के कण होते हैं । हम हमेशा परमात्मा यानि अट्मॉस्फेर में ही रहते हैं इसके बगैर हम जिन्दा नहीं रह सकते जैसे की मछली पानी के बगैर जिन्दा नहीं रह सकती । मरीतु के वकत यही आत्मा या प्राण हमारे शरीर को पृथ्वी पर छोड़ कर ही परमात्मा यानि अट्मॉस्फेर में मिल जाता है ।
आत्मा हमारे शरीर में जान या प्राण के रूप में परम आत्मा यानि अट्मॉसफेर का वह हिस्सा है जिस से हम स्वास लेते हैं ।
परमात्मा यानि अट्मॉस्फेर में हाइड्रोजन कार्बन नाइट्रोजन, और ऑक्सीजन के गैसेज पानी के कण या बादल और धुल के कण होते हैं । हम हमेशा परमात्मा यानि अट्मॉस्फेर में ही रहते हैं इसके बगैर हम जिन्दा नहीं रह सकते जैसे की मछली पानी के बगैर जिन्दा नहीं रह सकती । मरीतु के वकत यही आत्मा या प्राण हमारे शरीर को पृथ्वी पर छोड़ कर ही परमात्मा यानि अट्मॉस्फेर में मिल जाता है ।
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