असली पूजा और अबादत्त का घर।
ना कोई तुम्हारे खुद का बनाया हुआ, ईटों,पथरों का मंदिर,ना कोई मस्जिद,ना कोई गुर्दवारा,ना कोई चर्च असली पूजा और अबादत्त का घर है ,है तो सिर्फ तुम्हारा अपना ही शररीर तुम्हारा असली पूजा और अबादत्त करने का घर है। बाकी सभ तो तुम्हें लूटने के अंध विश्वाश के अदारे हैं।
ना कोई तुम्हारे खुद का बनाया हुआ, ईटों,पथरों का मंदिर,ना कोई मस्जिद,ना कोई गुर्दवारा,ना कोई चर्च असली पूजा और अबादत्त का घर है ,है तो सिर्फ तुम्हारा अपना ही शररीर तुम्हारा असली पूजा और अबादत्त करने का घर है। बाकी सभ तो तुम्हें लूटने के अंध विश्वाश के अदारे हैं।
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