यह कैसा जमाना ?
यह कैसा जमाना आया है ,कोरोना ने केहर फैलाया है ,
पी एम् भी कोरोना माफक हैं,प्रेसिडेंट भी कोरोना माफक हैं ।
गरीब का कोई नहीं है वाली,सभ लगे हैं इनको मारने ,
यह सिर्फ अमीरों की दुनिया है, दुर्बलों को लगे हैं मारने ।
एक दिन ऐसा आएगा,सभ सियासी तंत्र हिल जाएगा,
डार्विन का कहा सच होगा , दा फिटेस्ट विल ओनली सर्वाइव ।
यह कैसा जमाना आया है ,कोरोना ने केहर फैलाया है ,
पी एम् भी कोरोना माफक हैं,प्रेसिडेंट भी कोरोना माफक हैं ।
गरीब का कोई नहीं है वाली,सभ लगे हैं इनको मारने ,
यह सिर्फ अमीरों की दुनिया है, दुर्बलों को लगे हैं मारने ।
एक दिन ऐसा आएगा,सभ सियासी तंत्र हिल जाएगा,
डार्विन का कहा सच होगा , दा फिटेस्ट विल ओनली सर्वाइव ।
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