यह असिस्तव् ।
अगर यहां यह धरती,पानी [समुन्दर],हवा [अट्मॉस्फेर] और यह सूर्य की शक्ति ना होते,तो जीवन के नाम पर हम भी यहां नहीं होते। इस असिस्तव में जो भी ग्रेविटेशन ,बिजली और मैग्नेटिज्म की शक्तियां खेलते नजर आती हैं सभ इस असिस्तव का ही तो पसारा है,कहीं कोई भी और कहीं इंसान की कल्पना किये हुए फ़र्ज़ी भगवान् का असिस्तव नहीं है।
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