अचंभा चमत्कार।
मेंने सूरज के प्रकाश को, परम ईश्वर की तरह, समुन्दर के पानी को अपनी गर्मी से गरम करके, बादल बनाके,अपनी शक्ति से, आसमानों में उड़ाकर ठंडा करके, पहाड़ों,झीलों,नदियाँ,जंगलों और किसानों की बीजी खेतोयों में बारिश करते देखा है,खेतियों को इस पानी की भाफ बना कर ऊपर को उड़ा कर बढ़ाते देखा है और फूल और फल लगते और फल पकाते देखा है और पृथ्वी के अनंत जीवों को भोजन खिला कर जीवन देते देखा है। प्रभ जी तुझ बिन घोर अँधेरा ---नानक।
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