हिन्दू धरम ब्राह्मणों का अंध विश्वाशी धरम।
हिन्दू धरम में ना तो कोई ब्रह्मा, ना ही कोई विष्णु है और ना ही कोई शिवजी है और ना ही इन के कोई ३३ करोड़ देवता हैं ,सभ काल्पनिक हैं और ब्राह्मणों के हिंसक, दूषित और एक्सप्लोएटिव मन की ईजाद हैं। इनके सभी शाशतर झूठे हैं और ब्राह्मणों के लिए अंध विश्वाश के धंदे पैदा करने वाले हैं । भारत का असली मूलनिवासी धरम तो बुध धरम ही है और हिन्दू तो मुगलों दवारा ब्राह्मणों को दी गई एक गाली है और हिंदू शब्द किसी भी भारतीय शास्त्रों में नहीं मिलता है । अंध विश्वाशी हिन्दू या हिंदुत्व धरम बहुत जल्दी नष्ट होने वाला है और सिर्फ वैज्ञानिक धरम ही दुनिया का शरेष्ट धरम सिद्ध होने वाला है जो कि सिर्फ बुध धरम ही है ।
,
हिन्दू धरम ब्राह्मणों का अंध विश्वाशी धरम।
हिन्दू धरम में ना तो कोई ब्रह्मा, ना ही कोई विष्णु है और ना ही कोई शिवजी है और ना ही इन के कोई ३३ करोड़ देवता हैं ,सभ काल्पनिक हैं और ब्राह्मणों के हिंसक, दूषित और एक्सप्लोएटिव मन की ईजाद हैं। इनके सभी शाशतर झूठे हैं और ब्राह्मणों के लिए अंध विश्वाश के धंदे पैदा करने वाले हैं । भारत का असली मूलनिवासी धरम तो बुध धरम ही है और हिन्दू तो मुगलों दवारा ब्राह्मणों को दी गई एक गाली है और हिंदू शब्द किसी भी भारतीय शास्त्रों में नहीं मिलता है । अंध विश्वाशी हिन्दू या हिंदुत्व धरम बहुत जल्दी नष्ट होने वाला है और सिर्फ वैज्ञानिक धरम ही दुनिया का शरेष्ट धरम सिद्ध होने वाला है जो कि सिर्फ बुध धरम ही है ।
,
हिन्दू धरम ब्राह्मणों का अंध विश्वाशी धरम।
हिन्दू धरम में ना तो कोई ब्रह्मा, ना ही कोई विष्णु है और ना ही कोई शिवजी है और ना ही इन के कोई ३३ करोड़ देवता हैं ,सभ काल्पनिक हैं और ब्राह्मणों के हिंसक, दूषित और एक्सप्लोएटिव मन की ईजाद हैं। इनके सभी शाशतर झूठे हैं और ब्राह्मणों के लिए अंध विश्वाश के धंदे पैदा करने वाले हैं । भारत का असली मूलनिवासी धरम तो बुध धरम ही है और हिन्दू तो मुगलों दवारा ब्राह्मणों को दी गई एक गाली है और हिंदू शब्द किसी भी भारतीय शास्त्रों में नहीं मिलता है । अंध विश्वाशी हिन्दू या हिंदुत्व धरम बहुत जल्दी नष्ट होने वाला है और सिर्फ वैज्ञानिक धरम ही दुनिया का शरेष्ट धरम सिद्ध होने वाला है जो कि सिर्फ बुध धरम ही है ।
,
हिन्दू धरम में ना तो कोई ब्रह्मा, ना ही कोई विष्णु है और ना ही कोई शिवजी है और ना ही इन के कोई ३३ करोड़ देवता हैं ,सभ काल्पनिक हैं और ब्राह्मणों के हिंसक, दूषित और एक्सप्लोएटिव मन की ईजाद हैं। इनके सभी शाशतर झूठे हैं और ब्राह्मणों के लिए अंध विश्वाश के धंदे पैदा करने वाले हैं । भारत का असली मूलनिवासी धरम तो बुध धरम ही है और हिन्दू तो मुगलों दवारा ब्राह्मणों को दी गई एक गाली है और हिंदू शब्द किसी भी भारतीय शास्त्रों में नहीं मिलता है । अंध विश्वाशी हिन्दू या हिंदुत्व धरम बहुत जल्दी नष्ट होने वाला है और सिर्फ वैज्ञानिक धरम ही दुनिया का शरेष्ट धरम सिद्ध होने वाला है जो कि सिर्फ बुध धरम ही है ।
,
हिन्दू धरम ब्राह्मणों का अंध विश्वाशी धरम।
हिन्दू धरम में ना तो कोई ब्रह्मा, ना ही कोई विष्णु है और ना ही कोई शिवजी है और ना ही इन के कोई ३३ करोड़ देवता हैं ,सभ काल्पनिक हैं और ब्राह्मणों के हिंसक, दूषित और एक्सप्लोएटिव मन की ईजाद हैं। इनके सभी शाशतर झूठे हैं और ब्राह्मणों के लिए अंध विश्वाश के धंदे पैदा करने वाले हैं । भारत का असली मूलनिवासी धरम तो बुध धरम ही है और हिन्दू तो मुगलों दवारा ब्राह्मणों को दी गई एक गाली है और हिंदू शब्द किसी भी भारतीय शास्त्रों में नहीं मिलता है । अंध विश्वाशी हिन्दू या हिंदुत्व धरम बहुत जल्दी नष्ट होने वाला है और सिर्फ वैज्ञानिक धरम ही दुनिया का शरेष्ट धरम सिद्ध होने वाला है जो कि सिर्फ बुध धरम ही है ।
,
हिन्दू धरम ब्राह्मणों का अंध विश्वाशी धरम।
हिन्दू धरम में ना तो कोई ब्रह्मा, ना ही कोई विष्णु है और ना ही कोई शिवजी है और ना ही इन के कोई ३३ करोड़ देवता हैं ,सभ काल्पनिक हैं और ब्राह्मणों के हिंसक, दूषित और एक्सप्लोएटिव मन की ईजाद हैं। इनके सभी शाशतर झूठे हैं और ब्राह्मणों के लिए अंध विश्वाश के धंदे पैदा करने वाले हैं । भारत का असली मूलनिवासी धरम तो बुध धरम ही है और हिन्दू तो मुगलों दवारा ब्राह्मणों को दी गई एक गाली है और हिंदू शब्द किसी भी भारतीय शास्त्रों में नहीं मिलता है । अंध विश्वाशी हिन्दू या हिंदुत्व धरम बहुत जल्दी नष्ट होने वाला है और सिर्फ वैज्ञानिक धरम ही दुनिया का शरेष्ट धरम सिद्ध होने वाला है जो कि सिर्फ बुध धरम ही है ।
,
No comments:
Post a Comment