असली धरम।
इस पृथ्वी पर किसी भी इस्त्री मां दवारा जनम लिए हुए इंसान को पूजना धरम नहीं है बल्कि प्रकृति दवारा जो भी दिखने वाली या ना दिखने वाली एक्सिस्टेंस है जो सभी जीवनों को रचने का कारन है, उसके ही अधीन रहने और विज्ञान [साइंस]दवारा उस की खोज और उसतत करना है।
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