इंसान की अमन अमान जिंदगी में अतवादी धर्मों की खलल।
इंसान की साइंटिफिक,सेक्युलर और कुदरती जिंदगी में धर्मों का खलल डालने का पुआड़ा ही भारत की सारी मुश्किलों का कारन है,जिस की शुरुआत सभ से पहले आरएसएस/बीजेपी के हिन्दू धरम दवारा संविधान दवारा स्थापित सेकुलरिज्म और डेमोक्रेसी को ख़तम करके एक अतवादी हिन्दू राष्ट्र कायम करने की तरफ कोशिश है । उसके बाद ही थोड़ी गिनती के मुस्लिम , सिख और दलित वगैरा आरएसएस/बीजेपी के अतवाद से तंग आ कर ही अलग होने की मुहीम छेड़ रहे हैं और इस तरह से भारत को हर तरह से नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।
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इंसान की साइंटिफिक,सेक्युलर और कुदरती जिंदगी में धर्मों का खलल डालने का पुआड़ा ही भारत की सारी मुश्किलों का कारन है,जिस की शुरुआत सभ से पहले आरएसएस/बीजेपी के हिन्दू धरम दवारा संविधान दवारा स्थापित सेकुलरिज्म और डेमोक्रेसी को ख़तम करके एक अतवादी हिन्दू राष्ट्र कायम करने की तरफ कोशिश है । उसके बाद ही थोड़ी गिनती के मुस्लिम , सिख और दलित वगैरा आरएसएस/बीजेपी के अतवाद से तंग आ कर ही अलग होने की मुहीम छेड़ रहे हैं और इस तरह से भारत को हर तरह से नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।
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