गरीबी ।
गरीबी को जितना तुम छुपाओगे ,
गरीबी उतनी कुरूप बन कर तुम्हारे साहमने आएगी ।
गरीबी को जितना तुम दबाओगे ,
गरीबी उतनी परचंड हो कर शोर मचाएगी ।
गरीबी को जितना तुम छुपाओगे ,
गरीबी उतनी कुरूप बन कर तुम्हारे साहमने आएगी ।
गरीबी को जितना तुम दबाओगे ,
गरीबी उतनी परचंड हो कर शोर मचाएगी ।
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