Saturday, February 22, 2020

मनुस्मिरीति और संविधान ।
मनुस्मिरीति एक हज़ारों साल पुराणी असभय और नॉन साइंटिफिक समाज की इंसानियत विरोधी सोच है,जिस का आज कोई भी मूल्य नहीं है और जलाके नष्ट करने के काबिल है और जिस को सिर्फ यूरेशिया से आए विदेशी मनुवादी,ब्राह्मणवादी आरएसएस बचाकर भारत में दुबारा से गले सड़े हुए,  हिंदुत्व ब्राह्मणवादी धरम और पुराणी जात पात के लिए लागू करना चाहती है ,  जब कि बहु मुखी तालीमयाफ्ता बाबा साहिब डॉ।भीम राओ आंबेडकर का  लिखा  भारतीय संविधान सारी दुनिया में मशहूर है और इंसानियत का रखवाला है ।



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