धरम और जात ।
धरम हो या जात हो ,दोनों ही जीवन का पाप हैं ।
नहीं हैं यह इंसानियत के फायदे में,यह जीवन का संताप है ।
इंसानियत अगर नहीं है तुम में ,सभ ढोंग,छल कपट और नाश है ,
छोड़ दे जीवन के यह सभ आडम्बर ,सचाई ही जाने वाली तेरे साथ है ।
धरम हो या जात हो ,दोनों ही जीवन का पाप हैं ।
नहीं हैं यह इंसानियत के फायदे में,यह जीवन का संताप है ।
इंसानियत अगर नहीं है तुम में ,सभ ढोंग,छल कपट और नाश है ,
छोड़ दे जीवन के यह सभ आडम्बर ,सचाई ही जाने वाली तेरे साथ है ।
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